जीवन यात्रा

यात्रा जीवन की
शुरू हमने की है
होगी ये पूरी
दुआ रब से की है ।
जो तुम भी
साथ चलो मेरे इसमें
होगी सुखद ये
अर्ज़ तुमसे की है ।।

यात्रा है ये
उथल पुथल वाली
कुछ भी नहीं
सुनिश्चित यहां ।
जो तुम हो संग
कहीं भी जाएंगे
ले जाएगी हमें
ये ज़िन्दगी जहां ।।

साथ चलेंगे इस यात्रा में तो
नहीं थकेंगे पांव हमारे।
सफर कटेगा हंसते हंसते
जो चलो तुम संग हमारे ।।

इस राह में फूल भी है
और छुपे है कुछ कांटे।
क्यों ना साथ चलते चलते
खुशी के पल आपस में बांटें ।।

कांटों पर भी चलेंगे संग
ये भी तो है जीवन के रंग ।
जब भी चुभे कोई कांटा तुम्हें
निकालूंगा उसे,चलो तुम संग ।।

जो गिर जाओ कभी
राह में चलते चलते
हमेशा ये हाथ बढ़ेंगे
तुम्हें थामने के लिए ।
साथ चलने से कट जाएगा
मेरा भी ये सफर
मेरी हिम्मत हो तुम
आगे बढ़ने के लिए ।।

खुशियों के पल
थकान मिटाएंगे
जो तुम हो संग
तो साथ मनाएंगे।
दिल में मेरे
जो कुछ भी है
खटी मीठी बातें
सब तुमको बताएंगे।।

जो राही मिले
कोई मुसीबत में
उसे भी अपने
संग ले जाएंगे।
दूर करके कठिनाई उसकी
उसको भी साथ जोड़
बड़ा कारवां बनाएंगे।।

राही है हम इस यात्रा में
जो सबको पूरी करनी है
है मंज़िल हम सबकी एक।
सब साथ चलेंगे मिलकर
तो होगा सफर आसान
यही कहता है विवेक ।।

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