कविता · Reading time: 1 minute

जीवन बगिया में खिलते हैं सब फूल यहाँ सुख दुःख वाले।

जीवन बगिया में खिलते हैं,
सब फूल यहाँ सुख दुःख वाले।
दोनों में जो सम रहते हैं,
वो लोग हैं असली मतवाले।
सुख में हर्षित आह्लादित हों
दुःख में भी भाव समर्पण हो
ठहराव न हो जीवन पथ में,
चलते रहना हिम्मतवाले
जीवन बगिया में खिलते हैं,
सब फूल यहाँ सुख दुःख वाले
दोनों में जो सम रहते हैं वो लोग हैं असली मतवाले।
दुःख पीड़ा दुसह व्यथित करती
सहने का सम्बल भी भरती,
सुख हर्ष भाव है खुशियों का,
सुख दुख को सहज सहन करते
जो होते हैं मेहनत वाले।
जीवन बगिया में खिलते हैं
सब फूल यहाँ सुख दुःख वाले
दोनों में जो सम रहते हैं वो लोग हैं असली मतवाले।

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