Skip to content

जीवन पल पल बीत रहा

कवि कृष्णा बेदर्दी

कवि कृष्णा बेदर्दी

गीत

October 7, 2017

मेरे जीवन का बहता गम जीवन पल पल बीत रहा ।

बहते कभी थे सुख के झरने मधुर याद संगीत रहा।

कानो में कुछ आकर कहती प्यार की बाते हमसे करती ।

देख सनम को खुशिया नैना नित ही नया अठखेल थी करती।

बाँह पकड़ कर मेरा वह प्यार हमे थी करती ।

मेरी ही यादो में वो हरपल खोई खोई थी रहती ।

नित रूप के यौवन में उसके हमको सुख मिलता था।

उसकी जुल्फों की छाया में प्रेम का सुख पा जाता था।

प्रेम पुजारी बनकर मैं उसके प्रेम का रस पी लेता था ।

अपनी प्राण पियारी से कुछ प्रेम की बाते कर लेता था ।

कालचक्र वो चलता गया पीछे न मुड़कर मैंने देखा।

जीवन सफर दूर निकल गए भाग्य की रेखा कभी नही देखा।

जीवन की पल पल धारा में कल आने वाला ख्वाब था देखा।

कुछ परिचत आकारो में जीवन के स्वप्न को देखा।

कितना मधुर था प्रेम का बन्धन जीवन को उसमे बांध लिया।

प्रेम के बन्धन में बध कर जीवन संगिनि बना लिया।

रिस्तो के पंख लगाकर हम कल्पना के आसमां में उड़े।

दो अनजान दिलो में प्रेम के जीवन के रिश्ते जुड़े।

दिल की गहराइयो में जाकर हमने सच्चा प्यार किये।

भूल गये हम सारी दुनिया इक दूजे को प्यार किये।

सुन्दर प्रेम छवि को दिल में एक- दूजे को बसा लिया।

प्रेम पथिक बन जीवन में हम उसका हर श्रृंगार किया ।

चलता गया जीवन के राहो में सोचा कभी ना जुदाई होगा।

हम दो प्रेम युगल जोड़ी को यह दुःख सहना होगा।

जीवन पर किया भरोसा मौत ने हमको छलता गया ।

प्रेम के राह में चलते गये समय ने हमको ठगता गया।

मिटा दिया प्रेम छवि को काल के गर्भ में जाकर गिरा।

बांधे थे जो प्रेम के बन्धन टूट अन्धेरो में जाकर गिरा।

मधुर मिलन का जो देखा सपना टूट कर बिखर गये।

सुन्दर मुखड़े पर जो चुनरी थी बनकर कफ़न जल गये।

एक स्वेत का बादल जीवन में दुःख के जल बरसा गया ।

प्राणों का स्पन्दन छूट गया प्यार से दिल मेरा अब टूट गया ।

इन दूर भटकते जीवन को मौत की राह मैं देख रहा।

कब होगा मरकर उससे मिलन वो समय राह मैं देख रहा ।

ऊपर वाला दया करो अब तो मिला दे मेरे प्यारी प्रिया से।

हमको दे दे मौत अभी जाकर मिलु वहां अपनी प्रिया से।

Share this:
Author
कवि कृष्णा बेदर्दी
कवि कृष्णा बेदर्दी ( डाक्टर) जन्मतिथि-०७/०७/१९८८ जन्मस्थान- मधुराई (तमिलनाडु) शिक्षा मैट्रिक -विलेपार्ले(मुम्बई) शिक्षा मेडिकल - B.A.M.S.(लन्दन) प्रकाशित पुस्तक- हिन्दी_हमराही,अनुभूति,महक मुसाफिर, तेलुगु, हिन्दी-तेलुगू फिल्मों में गीतकार शौक_ डांस,अभिनय,गिटार,लेखन, नम्बर- +918319898597 Email I'd kavibedardi@gmail.com, Facebook link https://m.facebook.com/Bedardi? Twitter_@kavibedardi

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग से अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

साल का अंतिम बम्पर ऑफर- 31 दिसम्बर , 2017 से पहले अपनी पुस्तक का आर्डर बुक करें और पायें पूरे 8,000 रूपए का डिस्काउंट सिल्वर प्लान पर

जल्दी करें, यह ऑफर इस अवधि में प्राप्त हुए पहले 10 ऑर्डर्स के लिए ही है| आप अभी आर्डर बुक करके अपनी पांडुलिपि बाद में भी भेज सकते हैं|

हमारी आधुनिक तकनीक की मदद से आप अपने मोबाइल से ही आसानी से अपनी पांडुलिपि हमें भेज सकते हैं| कोई लैपटॉप या कंप्यूटर खोलने की ज़रूरत ही नहीं|

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you