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जीवन का आधार

डॉ०प्रदीप कुमार

डॉ०प्रदीप कुमार

कविता

December 11, 2017

जीवन का आधार
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जीवन का आधार प्रेम है ,
दिया गया आभार प्रेम है !
लैला की चलती हुई सांसें,
मजनूं का एतबार प्रेम है |
सीरी की आँखों का काजल
फरहाद की फरयाद प्रेम है !
हीर की दो सुन्दरतम अाँखें
रांझे का दीदार प्रेम है |
मीरा का वो गरल-प्याला ,
पद्मिनी का जौहर प्रेम है |
नागमति की विरह-वेदना ,
हाड़ी का बलिदान प्रेम है |
भगतसिंह का इंकलाब….
सैनिक का बलिदान प्रेम है |
झांसी की रानी का शौर्य ,
कलाम का विज्ञान प्रेम है |
सीता जी की अग्निपरीक्षा ,
राम का वनवास प्रेम है !
पन्नाधाय का तनय-त्याग ,
महाराणा का प्रण प्रेम है |
माँ का सारा मोह प्रेम है ,
दीपशिखा की अगन प्रेम है |
गौर से देखो तब तुम पाओ ,
जलते “दीप” की तपन प्रेम है ||
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डॉ० प्रदीप कुमार “दीप”

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Author
डॉ०प्रदीप कुमार
From: खेतड़ी
नाम : डॉ०प्रदीप कुमार "दीप" जन्म तिथि : 02/08/1980 जन्म स्थान : ढ़ोसी ,खेतड़ी, झुन्झुनू, राजस्थान (भारत) शिक्षा : स्नात्तकोतर ,नेट ,सेट ,जे०आर०एफ०,पीएच०डी० (भूगोल ) सम्प्रति : ब्लॉक सहकारिता निरीक्षक ,सहकारिता विभाग ,राजस्थान सरकार | सम्प्राप्ति : शतक वीर सम्मान... Read more
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