जीवन।

कभी पल ख़ुशियों के मीठे-मीठे,
कभी ज़हर का कड़वा घूंट दिया,
कोई शिकायत तुझसे नहीं,
ऐ जीवन तूने सब कुछ ही दिया,

उम्मीदों की शमा कभी रौशन रही,
कभी बुझता गया हर एक दिया,
कोई शिकायत तुझसे नहीं है,
ऐ जीवन तूने सब कुछ ही दिया,

प्यार से गले लगाया कभी,
कभी ज़ोर से मुझको झटक दिया,
कोई शिकायत तुझसे नहीं,
ऐ जीवन तूने सब कुछ ही दिया,

कभी था मैं घिरा नाकामियों से फिर भी,
मुस्कुरा के जीने का हौसला दिया,
कोई शिकायत तुझसे नहीं,
ऐ जीवन तूने सब कुछ ही दिया।

कवि-अम्बर श्रीवास्तव

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