जीने का मजा नहीं है

२१२२ २१२२ २१२१ २२
सुशील यादव

साथ मेरे हमसफर वो साथिया नही है
लुफ्त मरने में नहीं ,जीने का मजा नहीं है

रूठ कर चल दिए तमाम सपने- उम्मीद
इस जुदाई जिन्दगी का जायका नहीं है

साथ रहता था बेचारा बेजुबान सा दिल
ठोकरे, खामोश खा के भी गिना नहीं है

आ करीब से जान ले, खुदगर्ज हैं नही हम
फूल से न रंज, कली हमसे खपा नहीं है

शौक से लग जो गया, उनके गले तभी से
लाइलाज ए मरीज हूँ, मेरी दवा नही है

Like Comment 0
Views 7

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share