#12 Trending Post

जीजा-साली [कहानी ]

जीजा-साली (
नीना अपनी पति की आशिक मजाजी से बहुत परेशान थी. परिवार को मिलने आई साली पर नजर थी जो ल .ल.एम् में दाखिला लेने आई थी ,उनके यहाँ ठहरी हुई थी.पति कोई न कोई बहाना तलाश कर उसे इम्प्रेस करते. मेरी बहन हया भी मुस्कराती रहती जीजू की खूब तारीफ करती रहती ,दोनों में काफी निकटता सी हो गई. नीना के लिए चिन्ता का विषय बनता जा रहा था ,समझ नही पा रही थी क्या करे ?.होली दहन पूजा होनी थी ,सभी सगे-सम्बधी ,पड़ोसी जमा हुए ,खूब खुशी ओर गुलाल उड़ाने का माहौल बना हुआ था ,तभी नीना के पति जोश में साली को पकड़ नाचने लगे ओर खिंच -खिंच बदहवास से हो गये .तभी मामा जी को गुस्सा आया ओर दोनों को अलग करते पति को बोले,’ क्या अधिक भांग चढा ली जो पत्नी ओर साली की पहचान भूल गया’. .नीना को साथ नाचने को कह हया को डांटा रिश्ते सीमा में ही सुहाते है नीना की मानो पूजा सफल हो गई ,कभी जीजा साली का चेहरा कभी पूजा में हाथ जोड़ रही थी.रेखा मोहन ६/३/२०१७

Like 1 Comment 1
Views 14.9k

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119