23.7k Members 49.9k Posts

जीजा जी

तू नाम ले लेना भले, पर जीजा न कहना हाले से,
मैंने किया जब शादी तो, यही शर्त रख दी साले से।।

बदनाम से है हो रहें, जो सार्वभौमिक जीजा जी थे,
हम खेत फिर किस भूमि के जी, जो बचेगें खाले से।।

न देगा न लेगा कुछ, पर फिर भी हम बिक जाएंगे,
और सोचते रह जाएंगे कि, हम थे बहे किस नाले से।।

राष्ट्र जीजा जी को तो, ईडी वालो ने छोड़ा ही नही,
हम तो ठहरे सीधे साधे, “चिद्रूप” फौज़ी के ढाले से।।

©® पांडेय चिदानंद “चिद्रूप”
(सर्वाधिकार सुरक्षित ०९/०२/२०१९ )

Like 2 Comment 0
Views 161

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
पाण्डेय चिदानन्द
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
रेवतीपुर, देविस्थान
144 Posts · 3.7k Views
-:- हो जग में यशस्वी नाम मेरा, है नही ये कामना, कर प्रशस्त हर विकट...