.
Skip to content

जिस दिन सरहद पर जाऊंगा

kamni Gupta

kamni Gupta

कविता

August 4, 2016

बाल कविता

बन सिपाही जिस दिन सरहद पर जाऊंगा!
दुशमन को फिर उस रोज़ मज़ा चखाऊंगा!
मां तुम रोना मत गर वापिस न आऊं मैं !
देश का अपने पर देखना मान मैं बढ़ाऊंगा!
जब तक रहेगी आखिरी सांस बाकि मेरी!
चुन चुन कर सबको सरहद से भगाऊंगा!
तेरा बेटा हूँ मां तुझसे ही तो सीखा है!
जीवन अपना देश को अर्पन कर जाऊंगा !!!
कामनी गुप्ता ***

Author
kamni Gupta
I am kamni gupta from jammu . writing is my hobby. Sanjha sangreh.... Sahodri sopan-2 Deepshikha Satyam prabhat Mehkte lafz.
Recommended Posts
सरहद के हालात
सरहद के हालात शूरवीर निर्भीक वीर और पराक्रमी योद्धा नौजवां सैनिक वो सुहाग,भाई और भारत मां के योग्य बेटे खोद देते हैं शत्रु की कबर... Read more
छोड़ जाऊंगा।
ये न सोचा था कि राहे ज़िन्दगी में,ऐसे भी मोड़ पाऊंगा, फकत यादों का ही एक मूक सफर छोड़ जाऊंगा। हूं जब ज़मीं का बंदा,... Read more
खामोश जब मैं हो जाऊंगा
खामोश जब मैं हो जाऊंगा। न फिर तुमको नज़र आऊंगा। अब तो कहते हो चले जाओ; यादें मगर ऐसी मैं दे जाऊंगा। बदल जाएगा वक्त... Read more
कविता
चाहो उड़ालो हमारी हसीं,हंसता हर पल छोड़ जाऊंगा। सुन मैं तो झोखा हूं हवाओं का साथ उड़ा ले जाऊंगा। मैं तो बहता दरिया हूं ए... Read more