मुक्तक · Reading time: 1 minute

जियारत कराना मुझको भी

1.

जियारत कराना मुझको भी
ऐ मेरे खुदा
कुछ तो सिला दे मुझको
मेरी बंदगी का ऐ मेरे खुदा

2.

जुस्तज़ू में भटक रहा हूँ तेरी
ऐ मेरे खुदा
कुछ ऐसा करम कर
मंजिल नसीब हो मुझको

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