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जिम्मेदार बनने का आधार धरे,

Dr. Mahender Singh

Dr. Mahender Singh

कविता

November 5, 2017

बहुत सताया है,
हमने खुद को,
अब तो खुद को माफ़ करे,

हो सकेगा परमार्थ तभी,
जब खुद से इंसाफ करें,

मत धोखे में रहना जी,
कोई जगाने आता है,
जीवन है आदर्श उनका,
लोगों की आसक्ति
भगवान उन्हें बनाते है,

कारक खोजें,
नहीं मिलते प्रमाण,
किसी सुख-दुख के,
है भाव-दशा गर,
क्यों ना परख कर दूर करें,

बहुत सताया है,
हमने खुद को,
अब तो खुद को माफ़ करें,

Author
Dr. Mahender Singh
(आयुर्वेदाचार्य) शौक कविता, व्यंग्य, शेर, हास्य, आलोचक लेख लिखना,अध्यात्म की ओर !
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