*जिन्दगी*

ईश्वर का उपहार जिन्दगी
एक निराला प्यार जिन्दगी
साहस और लगन मत छोड़ो
इन का है शृंगार जिन्दगी
हरदम खुशबू तुम बिखराओ
है फूलों का हार जिन्दगी
गीत सुहाने गाते जाओ
वीणा की झंकार जिन्दगी
गम से अब तो नाता तोड़ो
खुशियों की भरमार जिन्दगी
गर न वक्त के साथ चलो तो
बन जाती है खार जिन्दगी

*धर्मेन्द्र अरोड़ा*

13 Views
Copy link to share
*काव्य-माँ शारदेय का वरदान * Awards: विभिन्न मंचों द्वारा सम्मानित View full profile
You may also like: