जिन्दगी है छोटी सी

मंजिलें तो बहुत सी है जिन्दगी है छोटी सी
लक्ष्य तो बहुत कुछ है जिन्दगी है छोटी सी

द्वैष ईर्ष्या भूलकर मोह माया का त्याग कर
प्रेम करना सीख लो ये जिन्दगी है छोटी सी

फासलें जो दरमियान हैं उनको भी कम कर
रास्तें तो लम्बे हैं पर ये जिन्दगी है छोटी सी

जाति धर्म को भूलकर मानवता से प्रेम कर
मानव.जीवन दुर्लभ है जिन्दगी है छोटी सी

अनुजों से तू प्रेम कर अग्रज का सम्मान कर
प्रेम मान बिन कुछ नहीं जिन्दगी है छोटी सी

चाहतें सीमित हों संतुष्टि की तय सीमा कर
यह सोच कर कर्म कर जिन्दगी है छोटी सी

मन में नहीं पाप हो रिश्तों में मधुर संबंध हो
मन में नहीं गाँठ द्वंद्व हो जिन्दगी है छोटी सी

मंजिलें तो बहुत सी है जिन्दगी है छोटी सी
लक्ष्य तो बहुत कुछ है जिन्दगी हैं छोटी सी

सुखविंद्र सिंह मनसीरत

Like 1 Comment 0
Views 7

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share