कविता · Reading time: 1 minute

!!!`जिन्दगी जिन्दादिली नाम है`!!!

जिन्दगी जिन्दादिली का नाम है,
इस को मुस्कुरा के गुजरा करो,
मौत तो महबूबा है, समझ लेना
उस ने तो अपने साथ ही लेकर जाना है !!

कांटो का ताज अगर न पहना
तो क्या किया आकर इस जीवन में
फूलों का गुलदस्ता तो हर किसी को
जिन्दगी में देने में अच्छा लगता है !!

क्यूं आरजू करते हो, कि हर पल एक जैसा हो
उस पल का क्या , तो इन्तेजार में है तुम्हारे
ख़ुशी की कामना हर कोई करता है, दुःख की क्यूं नहीं
दुःख भी तो जिन्दगी में साथ ही रहेगा , कि नहीं ??

यह जीवन तो धूप और छाँव हैं
पल पल इस की ले बदलती रहती है
देखा होगा गुलाब के फूल को
काँटों के साथ मुस्कान और खुशबू देती रहती है !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

367 Views
Like
Author
शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , Books: तीन कविता साहित्यापेडिया में प्रकाशित हुई है..यही मेरा सौभाग्य रहा है…
You may also like:
Loading...