मुक्तक · Reading time: 1 minute

जिन्दगी एक धोखा

दिनांक 14/6/19
पिरामिड वर्ण

1

है
झोंका
तूफान
परेशान
होता इन्सान
नैया कैसे पार
हिम्मत रखो बढों

2

दे
झोंका
जिन्दगी
दर्द भरी
डरा इन्सान
ईश्वर का साथ
नैया हो जाए पार

स्वलिखित
लेखक संतोष श्रीवास्तव भोपाल

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