कविता · Reading time: 1 minute

जिंदगी

*हर इन्सान अपने आप
मै होता है अकेला
उसके लिये क्या है जीवन
इसका उत्तर भी है

*उसकी अनुवशकी
उसके व्यक्तिगत,माहौल
उसकी मजबूती के
इतिहास में मिलता है

*एक जीवित् व्यक्ति के
रूप मे उसे ग्रहण
करता चलता है

* जीवन के अर्थ को
लेकर किसी के पास
किसी स्तर पर कोई
सम्पूर्ण और सर्वमांन
उत्तर है नही।

*एक जीवित् व्यक्ति के
रूप मे उसे ग्रहन
करता चलता है
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