जिंदगी का सार

प्यार का अर्थ बहुत व्यापक होता है ।जीवन का सार सिमटा हुआ है इस ढाई शब्द में ।

किसी के लिए प्यार सिर्फ काम है ,
तो किसी के लिए खेल ##
किसी के लिए जाम है
तो किसी के लिए जेल ।
जी सका जो जिंदगी औरों के लिए
क्या कभी मिल पाई उसे खुशी जीने के लिए ।
गुजार कर तमाम उम्र भी जो
किसी का हो न सका
उस बेबफा के लिए प्यार
मंजिल तक पहुंचने का जरिया ही रहा ।
रफू करता रहा उदासियों को ,
मुस्कराहट की खोखली मशीन से ,
बेबजह जिंदगी से जो गलती
खुद की ढूंढ न सका ।
आरती वो दीप की ,
बुझा सकी कब मन के अंधेरा ,
प्यार की लौ जहां अंधेरों को भी
सुराग दे ना सकी ।
प्यार सिर्फ एक तलाश है
संसार के गहरे कूप में ,
जिंदगी ही जब किसी को
जिंदगी दे ना सकी ।
वर्षा वार्ष्णेय अलीगढ़

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