Sep 1, 2016 · मुक्तक
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जिंदगी का सफर

हँसते रहे मुस्कुराते रहे
दिल को दिलों से मिलाते रहे
ना रहे यहाँ जगह बैर भाव की
ज़िन्दगी सितारों से झिलमिलाते रहे !
@ विजय मिश्र *अभंग *

तीरे नज़र से घायल कर जाना
फिर चिलमन मे छुप जाना !
देख दीवानों का हाल बेहाल
फिर मन ही मन मे मुस्कुराना !!
@ विजय मिश्र *अभंग *

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Vijay Mishra
3 Posts · 70 Views
मै विजय मिश्र अभंग शौकिया तौर पर कुछ स्वतन्त्र लेखन कर लेता हूँ ! हिन्दी... View full profile
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