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जावरा की दुखदायी घटना

प्रवीण शर्मा

प्रवीण शर्मा

कविता

January 11, 2018

जावरा , कतारबन्द में सजी बेकरी ,,
सर्व धर्म की आस्था में सजी टेकरी ।

हुआ वहाँ ऐसा क्यों गेंगरेप ,,
कट गई पर्स पैसा की जेब ।

न बची विवाहिता की लाज ,
हवसियो को क्यों नही आइ रास ।

किया दरिंदों ने ऐसा दुष्कर्म ,,
शैतानों का टेकरी में गया धर्म।

महिला पर कट्टा अड़ा दिया ,,
दरिंदों ने उसके शरीर को ही नोच दिया ।

दुष्मकर्मियो ने अड़ा दी उस पर गोली ,,
मन मन में वो अल्लाह से बोली ।

अल्लाह ने सुनी उसकी पुकार ,,
आया हेड लाइट में बाइक सवार ।

भागे बदमाश बेचारी को छोड़कर ,
हो गए नो दो ग्यारह हाथ जोड़कर ।

मिले दरिंदों को ऐसी कड़ी सजा ,,
जेल में आएगा तब मजा ।

में तो रहता हूं ताल ,,
कुछ लोगों ने पहुचाया अस्पताल ।

आया मुझे भी महिला पर रास ,,
अल्लाह का हुसैन टेकरी में वास ।

नही देखा किसी ने क्या होगा कल ,,
डॉक्टरों की फौज में चला मेडिकल ।

इस पीड़िता के साथ जो हुआ ,,
मांगे प्रवीण अल्लाह से सलामत की दुआ ।

✍प्रवीण शर्मा ताल
तहसील ताल
जिला रतलाम
टी एल एम् ग्रुप संचालक

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Author
प्रवीण शर्मा
बी एस सी, एम् ए (हिंदी ,राजनीति)
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