23.7k Members 50k Posts

*जाने क्यूँ ऐसा कर जाती हूँ मैं*

Nov 30, 2017

*जाने क्यूँ ऐसा कर जाती हूँ मै*

जब भी करू ख्याल तेरा गमगीन हो जाती हूँ मै।
तेरे ही दर्दगम में अश्क बहाती हुँ मै।

देख बागों में कलियों को खिलते हुए मुस्कुरा जाती हूँ मै।
मुरझाये फूलो को देख थोड़ा सहम जाती हूँ मै।

तितलियों को फूलो संग खिलखिलाते देख मन में रंगत आ जाती है।
चमन में खिला हर फूल को देख सब भूल जाती हूँ मै।

न दर्द समझते हो,न प्यार इस बात से उदासी छा जाती है।
देख इस किरदार को तेरा,सोच गहराई में उतर जाती हुँ मै।

आजकल दुनियां को समझना में बड़ी कठिनाई महसूस हो जाती है।
चलने की सोचती हूँ मंजिल की ओर, पर न जाने क्यूँ भटक जाती हूँ मै।

तू सदा खुश रहे यही आरजू कर जाती हूँ मैं।
शिवालय से तेरी खुशी मांग लोट आती हूँ मै ।

*सोनू जैन मंदसौर*

120 Views
Sonu Jain
Sonu Jain
Mandsour
290 Posts · 16.2k Views
Govt, mp में सहायक अध्यापिका के पद पर है,, कविता,लेखन,पाठ, और रचनात्मक कार्यो में रुचि,,,...
You may also like: