Skip to content

*जाने क्या लगता है*

Sonu Jain

Sonu Jain

कविता

November 16, 2017

*जाने क्या लगता है*

मोहब्बत ये इश्क में धोखा दे गया कोई,,
अब तो दिल टूटा और बुझा सा लगता है,,

छुड़ाकर हाथ दामन से,अपना चला गया कोई,,
अब तो सारा जग सूनासूना सा लगता है,,

हर ख्वाइश,हर ख्वाब टूट गया मेरा,,
अब तो किसी की चाह ये मन नही रखता है,,

उड़ गया रंग,और गहरा गई उदासी मेरे चेहरे पर,,
अब तो दिल का हर कोना अंधयारा सा लगता है,,

हर बात पर मेरे खामियां निकालने लगे वो ,,
अब तो हर शख्स मुझे बेगाना सा लगता है,,

अपनी मौजूदगी का क्या सबूत दे उन्हें,,
अब तो मुझे समझने वाला इंसा सा नही दिखता है,,

दूर से जो मुझे ही बस अपना कहे,
अब तो कोई ऐसा अपना नही दिखता है,,
*सोनु जैन मन्दसौर*

Share this:
Author
Sonu Jain
Govt, mp में सहायक अध्यापिका के पद पर है,, कविता,लेखन,पाठ, और रचनात्मक कार्यो में रुचि,,, स्थानीय स्तर पर काव्य व लेखन, साथ ही गायन में रुचि,,,

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

आज ही अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साथ ही आपकी पुस्तक ई-बुक फॉर्मेट में Amazon Kindle एवं Google Play Store पर भी उपलब्ध होगी

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

सीमित समय के लिए ब्रोंज एवं सिल्वर पब्लिशिंग प्लान्स पर 20% डिस्काउंट (यह ऑफर सिर्फ 31 जनवरी, 2018 तक)

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you