.
Skip to content

जाने क्या-क्या लिखूं

दुष्यंत कुमार पटेल

दुष्यंत कुमार पटेल "चित्रांश"

कविता

July 13, 2016

हाले दिल की दास्तां लिखूं
मधुर मिलान की यादें लिखूं
छम-छम बरसता सावन
या केशु की महकती खुशबू
जाने क्या-क्या लिखूं …….

तेरी नखरे-शरारत लिखूं
शोख बलखाती जवानी लिखूं
छुप-छुप देखने की बाते लिखूं
या चाँद सी मुस्कुराहट लिखूं
जाने क्या-क्या लिखूं …….

रंग-बिरंग हंसी सपने लिखूं
तुझे बुलाती रूमानी शाम लिखूं
तेरी कोयल सी मीठी आवाज़ लिखूं
तेरी धानी चुनरी में मेरा नाम लिखूं
जाने क्या-क्या लिखूं …….

मद-भरी गुलाबी रुखसार लिखूं
तेरी नैनो की काली घटा लिखूं
प्रेम मस्ती भरी कोई गीत लिखूं
या बचपन की प्रेम कहानी लिखूं
जाने क्या-क्या लिखूं …….

लड़कपन की मस्ती छेड़खानी लिखूं
या रोमांटिक शायरी-गजल लिखूं
तेरे नाम सारी जिंदगानी लिखूं
ये “दुष्यंत” के प्रेम दीवानी
जाने क्या-क्या लिखू …….

Author
दुष्यंत कुमार पटेल
नाम- दुष्यंत कुमार पटेल उपनाम- चित्रांश शिक्षा-बी.सी.ए. ,पी.जी.डी.सी.ए. एम.ए हिंदी साहित्य, आई.एम.एस.आई.डी-सी .एच.एन.ए Pursuing - बी.ए. , एम.सी.ए. लेखन - कविता,गीत,ग़ज़ल,हाइकु, मुक्तक आदि My personal blog visit This link hindisahityalok.blogspot.com
Recommended Posts
अहसास लिखूं।
Neelam Sharma गीत May 27, 2017
अहसास सोच ​रही हूं आज पिया मैं तुम पर एक उपन्यास लिखूं। तुमको अपनी मौज लिखूं या अपने जीवन का ह्रास लिखूं। तेरी झूठी फितरत... Read more
कृष्ण
हे वासुदेव केशव सर्वपालक तुम्हारा क्या मैं अर्थात लिखूं? तुम अच्युत, गोपाल, उपेंद्र, पुरुषोत्तम क्या मैं यथार्थ लिखूं। हे परमआनंद,सागरअनंता, कामसांतक,कंस वधकर्ता अद्भुत सौंदर्य के... Read more
कृष्ण
हे वासुदेव केशव सर्वपालक तुम्हारा क्या मैं अर्थात लिखूं? तुम अच्युत, गोपाल, उपेंद्र, पुरुषोत्तम क्या मैं यथार्थ लिखूं। हे परमआनंद,सागरअनंता, कामसांतक,कंस वधकर्ता अद्भुत सौंदर्य के... Read more
लिखूं क्या मैं कलम से...1
लिखूँ क्या मैं, कलम से लिखूँ या तेरे दम से लिखूँ!! सूरज का रोशन जहां लिखूं! या चांद से सुंदर तेरा रूप लिखूँ!! तारों से... Read more