जाने किस दिन हो पायेगा भ्रष्टों का अवसान

जाने किस दिन हो पायेगा भ्रष्टों का अवसान
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ये चाहें तो नाहक़ में ही लड़ जाएं इंसान
नेता बड़े महान कि भइया नेता बड़े महान
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झूठे सपने लाख दिखाते
फिर जनता को राख दिखाते
भारत माता रोती रहती
ये सब अपनी साख दिखाते
लूट लूट के खाली कर दी धरती है वीरान-
नेता बड़े महान कि भइया नेता बड़े महान
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ये जीतेंगे, कब हारे हैं?
तिकड़म से बाजी मारे हैं
सब चाहें भूखे मर जाएं
इनके तो वारे-न्यारे हैं
लेकर हमसे वोट हमें ही दिखलाते हैं शान-
नेता बड़े महान कि भइया नेता बड़े महान
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संसद की तोड़ी मर्यादा
भूल गए हैं अपना वादा
खाते हैं भारत की कसमें
रहता कब है नेक इरादा
जाने किस दिन हो पायेगा भ्रष्टों का अवसान-
नेता बड़े महान कि भइया नेता बड़े महान
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जाति-धर्म की आग लगाते
कैसे कैसे दाग लगाते
कितना मेरा कितना तेरा
मुर्दों के भी भाग लगाते
करते सबकुछ लेकिन देखो बन जाते अनजान-
नेता बड़े महान कि भइया नेता बड़े महान
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हमको रोटी दाल न मिलती
ये तो सड़कें खा जातें हैं
गिट्टी-बालू-ईंटें-पत्थर
पूरा देश पचा जातें हैं
जितना लंबा पेट हुआ है उतनी बड़ी जुबान-
नेता बड़े महान कि भइया नेता बड़े महान
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हाय कमीशनखोरी देखो
कदम कदम पे चोरी देखो
चलते है फिर भी इतरा के
इनकी सीनाजोरी देखो
क्यूँ ऐसे लोगों को जनता दे देती वरदान-
नेता बड़े महान कि भइया नेता बड़े महान

– आकाश महेशपुरी

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