Skip to content

–जागो देश के युवाओं–उठो , जागो और कदम बढ़ाओ

Neeru Mohan

Neeru Mohan

मुक्तक

January 27, 2017

*नेता जन कहते फिरते हैं,
देश का है हो रहा विकास|
जरा हमें तुम यह समझाओ,
कहाँ जाए यह युवा आज|

*पैसा तो रोज ऐठन करते हैं,
टैक्स भी नए लगाते हैं|
रोजगार देने के नाम पर,
दौड़-भाग खड़े हो जाते हैं|

*देश के युवा पढ़-लिख जाते,
प्रमाण पत्रों पर जंग लग जाते|
इस दर जाते;उस दर जाते,
हर तरफ बेरुखी हैं पाते|

*थक जाते वह जान गँवाते,
संघर्षों को झेल नहीं पाते|
उठो,जागो और कदम बढ़ाओ,
संघर्षों से मत घबराओ|

*अपने हक के लिए लड़ो तुम,
पढ़े-लिखे हो डरो न अब तुम|
अच्छा-बुरा सब तुम्हें पता है,
सही गलत क्या तुम्हें पता है|

*त्याग भय उठ खड़े हो जाओ,
युवा हो तुम जोश में आओ|
बेरोजगारी को दूर भगाओ,
युवाओं तुम आगे आओ|

Author
Neeru Mohan
व्यवस्थापक- अस्तित्व जन्मतिथि- १-०८-१९७३ शिक्षा - एम ए - हिंदी एम ए - राजनीति शास्त्र बी एड - हिंदी , सामाजिक विज्ञान एम फिल - हिंदी साहित्य कार्य - शिक्षिका , लेखिका friends you can read my all poems on... Read more
Recommended Posts
मुक्तक
जब जिन्दगी में आलम वीरान मिल जाते हैं! भटकी हुई तमन्ना के निशान मिल जाते हैं! भीगी हुई सी तन्हाई में चलते हैं कदम, बिखरे... Read more
गज़ल
हम तो सुध बुध ही भूल जाते हैं वो नजर से नजर कभी मिलाते हैं कौन उल्फत की बात करता है लोग मतलव से आते'... Read more
?हो जाते?
?हो जाते? हम पावन से अति पावन हो जाते।। जब मनभावन को मनभावन रूप में पाते।। दूर फलक से वो आये है पलक पावड़े हम... Read more
होश में आओं उठो जागो
देश की हालातों पर कुछ पंक्तिया ! अच्छा लगे तो शेयर करे ! जहा भी देखा मैने सिने में खंजर चुभाने वाले मिले शैतान से डरकर... Read more