कविता · Reading time: 1 minute

ज़िंदा लोग

कायनात कर रही फरियाद!
किधर जा रही आदमजात!!
भुलाकर मरने का सलीका
गंवाकर जीने का अंदाज़!!
सुनते हो दूर आसमान से
आ रही ये क्या आवाज़!
“जिंदा लोग ही इश्क करते
जिंदा लोग ही इंकलाब!!”
Shekhar Chandra Mitra

9 Views
Like
Author
1.1k Posts · 23k Views
Lyricist, Journalist, Social Activist
You may also like:
Loading...