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ज़िंदगानी बदल चुकी लाला

ज़िंदगानी बदल चुकी लाला
अब कहानी बदल चुकी लाला

अब यहाँ कोई भी नहीं राजा
रात रानी बदल चुकी लाला

मौत बरहक़’ सुना हैं साँसो ने
अब रवानी बदल चुकी लाला

आँसुओं की कतार समझा कर
आँख पानी बदल चुकी लाला

अब मुहब्बत कहाँ मुहब्बत है
अपने म’आनी बदल चुकी लाला

आदमी ‘ आदमी ‘ नहीं लगता
हर निशानी बदल चुकी लाला

– नासिर राव

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Nasir Rao
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