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ज़़बांं जो शाायराानाा जाानताा हैै

Salib Chandiyanvi

Salib Chandiyanvi

गज़ल/गीतिका

January 10, 2017

परिन्दा ..आशियाना जानता है
फ़क़्त अपना ठिकाना जानता है

अलम बरदार है तहज़ीब नौ का
ज़बां जो शायराना ..जानता है

उसी को प्यार मिलता है जहाँ में
जो ऐबों को ..छुपाना जानता है

अभी मैं खुद से भी वाक़िफ़ नहीं हूँ
मुझे सारा…. ज़माना जानता है

उसी को ढूँढता फिरता हूँ सालिब
वो जो दिल को दुखाना जानता है

सालिब चन्दियानवी

Author
Salib Chandiyanvi
मेरा नाम मुहम्मद आरिफ़ ख़ां हैं मैं जिला बुलन्दशहर के ग्राम चन्दियाना का रहने वाला हूं जाॅब के सिलसिले में भटकता हुआ हापुड आ गया और यहीं का होकर रह गया! सही सही याद नहीं पर 18/20की आयु से शायरी... Read more
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