कविता · Reading time: 2 minutes

ज़रूरत जिंदगी की

प्यार नहीं होता ज़रूरत के लिए
प्यार की ज़रूरत है जिंदगी के लिए
तुम मिले तो ये जाना
प्यार हुआ तो ये माना
प्यार नहीं होता ज़रूरत के लिए
प्यार की ज़रूरत है जिंदगी के लिए

प्यार तो इबादत है
इस दिल की आदत है
तुम मिले तो ये जाना
प्यार हुआ तो ये माना।।

सपने नहीं होते ज़रूरत के लिए
सपनों की ज़रूरत है जिंदगी के लिए
तुम मिले सपनो में तो ये जाना
रोज़ तुम सपनों में यूं ही आना
सपने नहीं होते ज़रूरत के लिए
सपनों की ज़रूरत है जिंदगी के लिए

सपने तो चाहत है
इस दिल की राहत है
तुम मिले सपनों में तो ये जाना
रोज़ तुम सपनों में यूं ही आना।।

अपने नहीं होते ज़रूरत के लिए
अपनों की ज़रूरत है जिंदगी के लिए
तुम मिले जीवन में तो ये जाना
हर जनम जीवन में तुम यूं ही आना
अपने नहीं होते ज़रूरत के लिए
अपनों की ज़रूरत है जिंदगी के लिए

अपने तो जिंदगी है
जिंदगी की बंदगी है
तुम मिले जीवन में तो ये जाना
हर जनम जीवन में तुम यूं ही आना।।

रिश्ते नहीं होते ज़रूरत के लिए
रिश्तों की ज़रूरत है जिंदगी के लिए
तुम मिले जीवन में तो ये जाना
हर जनम जीवन में तुम यूं ही आना
रिश्ते नहीं होते ज़रूरत के लिए
रिश्तों की ज़रूरत है जिंदगी के लिए

रिश्ते तो भाव है
जिंदगी की नाव है
तुम मिले जीवन में तो ये जाना
हर जनम जीवन में तुम यूं ही आना।।

दोस्ती नहीं होती ज़रूरत के लिए
दोस्ती की ज़रूरत है जिंदगी के लिए
दोस्त तुम सा मिला तो ये जाना
साथ हर मोड़ पे मिला तो माना
दोस्ती नहीं होती ज़रूरत के लिए
दोस्ती की ज़रूरत है जिंदगी के लिए

दोस्ती तो वरदान है
खुशियों की खान है
दोस्त तुम सा मिला तो ये जाना
साथ हर मोड़ पे मिला तो माना।।

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