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जल दिवस

डॉ०प्रदीप कुमार

डॉ०प्रदीप कुमार

कविता

March 23, 2017

” जल दिवस ”
——————

बादलों के
पीछे से !
बिखेरने आया हूँ !
मैं भास्कर…….
अपनी रश्मि !
निथरे हुए जल पर !!
क्यों कि आज
“जल दिवस” है !
दिखता नहीं हैं
शायद !
मानव को…….
जल में छिपा जीवन ||
तभी तो
डाल रहा हूँ !
अपनी किरणें !
ताकि दिख सके
रजत-चमक
इस जल-जीवन की ||
क्यों कि ?
चारों ओर
चकाचौंध ही चकाचौंध है !
जिसका परिणाम यही है कि
मानव भी अब………
चकाचौंध सी रोशनी को ही
देख पाता है ||
——————————
— डॉ० प्रदीप कुमार “दीप”

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Author
डॉ०प्रदीप कुमार
From: खेतड़ी
नाम : डॉ०प्रदीप कुमार "दीप" जन्म तिथि : 02/08/1980 जन्म स्थान : ढ़ोसी ,खेतड़ी, झुन्झुनू, राजस्थान (भारत) शिक्षा : स्नात्तकोतर ,नेट ,सेट ,जे०आर०एफ०,पीएच०डी० (भूगोल ) सम्प्रति : ब्लॉक सहकारिता निरीक्षक ,सहकारिता विभाग ,राजस्थान सरकार | सम्प्राप्ति : शतक वीर सम्मान... Read more
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