जय हिंदी 108

होठों पर बहती हिंदी की धारा है
जय हिंदी जय हिंदुस्तान हमारा है

भारत माता के माथे की है बिंदी
सरल सुलभ कोमल सी भाषा है हिंदी

छंद व्याकरण से जब भी ये सजती है
शब्दों से ही सुर की लहरी बजती है

संस्कृत की हिंदी प्यारी प्यारी बहना
होता है आसान बात इसमें कहना

इसे राष्ट्रभाषा अपनी बनवाना है।
हिंदी को ये हक उसका दिलवाना है

आओ मिलकर बीड़ा एक उठायें हम
बड़े गर्व से हिंदी को अपनायें हम

जय हिंदी जय हिंदी का जयकार करें
आओ अपनी हिंदी से सब प्यार करें

डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

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