कविता · Reading time: 1 minute

**जय श्री राम**

“”गूंज रहा है बस इक नाद , जय श्री राम! जय श्री राम!
हुई है धरती पावन आज , जय श्री राम! जय श्री राम!
थाल सजाओ शंख बजाओ, गंगा की बरसाओ धार, जय श्री राम !जय श्री राम!
गूँज रहा है बस इक नाद ,जय श्री राम! जय श्री राम! ढोल मंजीरो की झंकार ,करो अभिनंदन बारम्बार ,जय श्री राम ! जय श्री राम!
धरती अम्बर झूम उठी , मानवता की जीत हुई, जय श्री राम! जय श्री राम!
गूँज रहा है बस इक नाद, जय श्री राम! जय श्री राम!…””🙏

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