.
Skip to content

जब बेटियां हमारी हमें छोड़ जाती हैं (विदाई).

rekha rani

rekha rani

गीत

January 14, 2017

नम हो जाती हैं ऑखें भर आती हैं
जब बेटियां हमारी हमे छोड़ जाती हैं
बचपन में बेटी को जी भर दुलराते हैं
बाहों में झुलाते हैं कांधे पे उठाते हैं
वो बाहों का मां बाबुल का अंगना
जब बेटियां हमारी सब छोड़ जाती हैं
वो सखियों संग हंसना वो गुडियों संग सजना
वो भैया संग लड़ना वो नानी का बटना
जब बेटियां हमारी सब छोड़ जाती हैं
वो चुनी हुई राहें वो आँखों का सपना
नयनों के झरोखे में उंगली थामे बढ़ना
एक दिन जब हकीकत मे जब बेटियां हमारी वहाँ दौड़ जाती हैं
आशाएँ करते हैं नव पथ में बढ़ने की
जीवन के रास्तों पर अविराम चलने की
वो ख्वाबों की दुनिया उस पर उसका बढ़ना जब बेटियां हमारी वहाँ दौड़ जाती है
वो रानी बन रहना हँस कर सब कुछ सहना
नन्ही सी गुडिया का वो मम्मी बन जाना
वो प्यारा सा बन्धन जब बेटियां हमारी सब जोड़ आती हैं
नम हो जाती हैं खुश हो भर आती हैं जब बेटियां हमारी वहां दौड़ जाती हैं

रेखा रानी विधा गीत

Author
rekha rani
मैं रेखा रानी एक शिक्षिका हूँ। मै उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ1 मे अपने ब्लॉक में मंत्री भी हूँ। मेरे दो प्यारे फूल (बच्चे) ,एक बाग़वान् अर्थात मेरे पति जो प्रतिपल मेरे साथ रहते हैं। मेरा शौक कविताये ,भजन,लेखन ,गायन,... Read more
Recommended Posts
बेटियां
पिता के जीवन का स्वाभिमान होती है, बेटियां, सब घर वालो की जान होती है, बेटियां। परमात्मा के आशिष के रूप मे, लक्ष्मी का अवतार... Read more
कविता
बेटियां खुशी का पर्याय होती है बेटियां जीवन का अहसास होती है बेटियां खिलौनो में टूटती, समाज से लड़ती, घर का श्रंगार होती है बेटियां..... Read more
बेटियां
कहते हैं, खानदान का ताज होती हैं बेटियां। फिर क्यूँ अपनों के ही प्यार को मोहताज होती है बेटियां। नहीं देते हम उन्हें हक़ थोडा... Read more
वो बेटी ही तो है,जो हसना सिखाती है.
वो बेटी ही तो है,जो हसना सिखाती है, चेहरे की मुस्कान पापा को भा जाती है, लाडली होती है बेटियॉ पिता के लिए,सम्मान यही दिलाती... Read more