मुक्तक · Reading time: 1 minute

जब तेरे उदगार तुझे प्रसिद्धि दिलाने लगें

1.

जब तेरे उदगार तुझे प्रसिद्धि दिलाने लगें
जब तेरे विचार सबको भाने लगें
जब तेरी छवि तुझको अनुपम लगने लगे
तब समझना तुम सर्वश्रेष्ठ विचारक हो गए हो

2.

जब सरोवर में कमल लहलहाने लगें
जब पंछी मधुर स्वर में गीत गाने लगें
जब चंद्रमा अपनी चांदनी बरसाने लगे
सनाझो प्रकृति अपनी सरल चितवन से निहारने लगी है

1 Like · 4 Comments · 28 Views
Like
You may also like:
Loading...