जन्नत की हूर है (रैप सांग )

कोई न कुसूर है ।
चढा तो सुरूर है ।
लगती तू जानेजाना ।
जन्नत की हूर है ।
मोहल्ले के छोरे पर बिजली है गिराती ।
उनको क्यो अपने पीछे घूमाती ।
ऐसे तू उनको है क्यूं तङपाती ।
देखकर तेरी ये जवानी ।
सब तो चूर -चूर है ।
कोई न कुसूर है ।
चढा तो सुरूर है ।
लगती तू जानेजाना ।
जन्नत की हूर है ।
लगाके काजल, बजा के पायल ।
रूप नूरानी तेरा वो रानी ।
कानो की बाली चाल मतवाली ।
होंठो की लाली, चूङी है काली ।
कुछ तो आज जरूर होगा ।
तू लड़की मगरूर है ।
कोई न कुसूर है ।
चढा तो सुरूर है ।
लगती तू जानेजाना ।
जन्नत की हूर है ।
रास्ते पर तू जब चलती है ।
नैनो से अपने तीर मारती है ।
लोग दीवाने हम भी दीवाने ।
कोई माने या न माने ।
तू लड़की बङी मशहूर है ।
कोई न कुसूर है ।
चढा तो सुरूर है ।
लगती तू जानेजाना ।
जन्नत की हूर है ।
विचलित करती तेरी हरेक अदा ।
जिसपर हम सब लोग फीदा ।
होंगे न हम तुमसे कभी जुदा ।
अपनी तरफ तू है खिंचती ।
तेरे मे बात कुछ जरूर है ।
कोई न कुसूर है ।
चढा तो सुरूर है ।
लगती तू जानेजाना ।
जन्नत की हूर है ।
करवट बदल -बदलकर सोंए ।
आंखो मे है सपने संजोए ।
तुझको जब से देखा मैने ।
दिल क्यों मेरा धक -धक बोले ।
अप्सरा सा लगता शरीर है।
तू लगती जैसे चांद का नूर है ।
तू मालपुआ तंदूर है ।
कोई न कुसूर है ।
चढा तो सुरूर है ।
लगती तू जानेजाना ।
जन्नत की हूर है ।
बनेगी तू ही अब मेरी शहजादी ।
तुझसे ही मै रचाऊंगा शादी ।
चुम्बक सी है तू खींच रही ।
तू तो अब मेरी गुरूर है ।
कोई न कुसूर है ।
चढा तो सुरूर है ।
लगती तू जानेजाना ।।
जन्नत की हूर है ।

🙏👧 Rj Anand Prajapati 🔯🔯

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