कविता · Reading time: 1 minute

जनमानस की भाषा हिन्दी

जनमानस की भाषा हिन्दी
मित्रता की परिभाषा हिन्दी
अनेकता में एकता की
मनमोहक अभिलाषा हिन्दी ।।
गीत में हिन्दी गान में हिन्दी
प्रगति के मैदान में हिन्दी
अग्रसरता की गभस्ति
जनसमूह के प्राण में हिन्दी।।
जुड़े रहने की शिक्षा हिन्दी
माँ के स्नेह की निक्षा हिन्दी
आह्वान समर्पण का
करुणा प्रेम तितिक्षा हिन्दी।।
वीरता एवं साहस हिन्दी
त्रासक पे अट्टाहस हिन्दी
अवश्यम्भावी दशा में
सदा जीत की आस है हिन्दी।।
व्याकरण के ज्ञान में हिन्दी
भावों के रसपान में हिन्दी
परिक्रमा माँ भारती की
भाषा के विज्ञान में हिन्दी।।
भारत की रंगोली हिन्दी
दिपावली और होली हिन्दी
अभिमान से बोलिए
जब भी बोले भाषा हिन्दी।।।

-जॉनी अहमद “क़ैस”

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When it becomes difficult to express the emotions I write them out. I am a Physical Education Teacher who loves writing poems.
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