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जगे युवा-उर तब ही बदले दुश्चिंतनमयरूप ह्रास का

बृजेश कुमार नायक

बृजेश कुमार नायक

मुक्तक

May 5, 2017

युवक जाग जाए तो, विकसित राष्ट्र, भाल छूता विकास का |
अगर सो गया , तब हिंसा औ अवनतिमय दुश्चक्र नाश का |
जस मानव, वैसा स्वदेश है ,सत्य बात सुनिए सुविज्ञ जन |
जगे युवा-उर तब ही बदले दुश्चिंतनमयरूप ह्रास का |
……………………………………………………….

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रोंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता

जागा हिंदुस्तान चाहिए कृति का मुक्तक

पेज- 19से

05-05-2017

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Author
बृजेश कुमार नायक
एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा जन्मतिथि-08-05-1961 प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित, जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन निवास-सुभाष नगर,... Read more