छोड़िए भी बहाना चले आइए !

छोड़िए भी बहाना चले आइए
// दिनेश एल० “जैहिंद”

212 212 212 212

छोड़िए भी बहाना चले आइए,,
दिल में है जो बताना चले आइए ।।

इश्क़ में क्यूँ सताए ना तू अब मुझे,,
यार को आजमाना चले आइए ।।

है कहीं भी मजा तो तिरे साथ है,,
दो घड़ी संग बिताना चले आइए ।।

बिन सताए रहा ही न जाता मुझे,,
प्यार थोड़ा जताना चले आइए ।।

सब्र मेरा हुआ बुलबुला आब का,,
यूँ ना मुझको जलाना चले आइए ।।

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दिनेश एल० “जैहिंद”
19. 04. 2018

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