कविता · Reading time: 1 minute

छोटा जीवन

हमने छोटे जीवन मे बडे कर्म करके देखे हैं ।
हमने अपने आप से भी गलती पर लडकर देखे हैं ।
सही गलत का भेद बताया जो सबने
वही बात अपना आगे पथपर चलकर देखे हैं ।
रही कसर है जो जीवन मे अर्पित है सच पर
हम जलकर अपने जीवन को ऋत पर कसकर देखे हैं ।

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