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छू लेता हूँ होंठ से

RAMESH SHARMA

RAMESH SHARMA

दोहे

March 20, 2017

फागुन बीता भी नही,,लगा अखरने घाम!
आगे आगे देखिए,….क्या होगा अंजाम! !

जन गण मन रौंदे गए ,तंत्र समूचे तोड !
राजनीति ने कर लिया,सत्ता से गठजोड !!

छू लेता हूँ होठ से .रोजाना छह जाम!
बोतल पे जब से छपा, महबूबा का नाम !!
रमेश शर्मा

Author
RAMESH SHARMA
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा
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