छाती

छाती

माँ की ममता से पूरित छाती
प्रसव पीड़ के बाद छाती
शिशु को स्तन पान करवाती
ईश्वर की अनुपम दें है छाती
मानव शक्ति भण्डार है छाती
छिपा मानव मूल है ये छाती
नारी वरदान नाम है छाती
मानव जीवनआधार है छाती
पुरुष का झूठा दम्भ है छाती
प्रकृति का सौंदर्य भी छाती
प्रेम का सम्पूर्ण आधार है छाती
फिर क्यों अपराध बनी ये छाती
वहसी हवस शिकार क्यों छाती
आँचल में छिपा संसार ये छाती
सृष्टि सर्जन सहयोगी है छाती
अश्लील वाण बनी क्यों छाती
सुमेरु से करते ऊंचाई की तुलना
क्यों शिल्पी की कला है छाती
सकल समाज तुझसे आवाहन
करो सत्य का चिंतन औ मन्थन
क्यों परिधान में लपेटी ये छाती
बनी रमणी रूप आकर क्यों छाती
नारी दुर्व्यवहार सूचक क्यों छाती
बलात हनन शोषण क्यों छाती
सोचो क्या कहता तेरा ये दर्शन
भारत भू माटी का संस्करण
अति सुंदर गौहर बानो थी
युध्द में जीती मुगल बेगम थी
जो झुका न शीश लज़्ज़ा से झुका
वो शिवाजी महान राज मराठा
सम्मान से वापस कर माफ़ी मांगी
क्या हुआ वीर बालको भारत के
लगे बेचने अपनी अस्मिता को
तुम्हारी हो चौरासी इंच की छाती
छत्तीस इंच से ही बन पाई है
है ऋणी तुम्हारी ये गर्वित छाती
क़र्ज़ मांगती तुमसे वो छाती
नही गर्त में गिरो कहती है छाती
सुंदर बालाओं मत व्यापर करो
खुद तुमको रोये तुम्हारी ये छाती

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Dr.pratibha d/ sri vedprakash D.o.b.8june 1977,aliganj,etah,u.p. M.A.geo.Socio. Ph.d. geography.पिता से काव्य रूचि विरासत में प्राप्त...
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