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छंद: मनहरण घनाक्षरी

Ambarish Srivastava

Ambarish Srivastava

कविता

October 6, 2016

किंचित न अभिमान, रखते सभी का ध्यान,
राग-द्वेष कटुता से, रीते रहें मोदीजी.
देश से ही करें प्यार, माटी चूमें बार-बार,
स्नेह प्रेम रसधार, पीते रहें मोदीजी.
सिंह सी सुनें दहाड़, बैरियों के कांपें प्राण,
शत्रु वक्ष फाड़-फाड़, सीते रहें मोदी जी.
मोदी जी पे हमें नाज़, जन्मदिन आया आज,
जिंदा रहे मोदीराज, जीते रहें मोदीजी..

–इंजी० अम्बरीष श्रीवास्तव ‘अम्बर’

Author
Ambarish Srivastava
30 जून 1965 में उत्तर प्रदेश के जिला सीतापुर के “सरैया-कायस्थान” गाँव में जन्मे कवि अम्बरीष श्रीवास्तव एक प्रख्यात वास्तुशिल्प अभियंता एवं मूल्यांकक होने के साथ राष्ट्रवादी विचारधारा के कवि हैं। प्राप्त सम्मान व अवार्ड:- राष्ट्रीय अवार्ड "इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी... Read more
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