Mar 25, 2017 · गीत
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#### चेहरा तो लग रहा है ,,,,,,,,

**** गीत ****

सिवा आपके कुछ नज़र नहीं आता
जिधर देखता हूँ आप ही आप हो !!
आपकी तारीफ़ में कुछ ज़्यादा गर
कह जाऊँ, तो मेरी गुस्ताख़ी माफ़ हो !!
“”””””////””””””////
चेहरा तो लग रहा है गुलाब की तरह |
आँखें तो लग रही हैं शराब की तरह ||
सच कहता हूँ देखा नहीं है आपकी तरह —-

किस कल्पना से रब ने
है आपको बनाया |
है शुक्रिया ये रब का
आपको ज़मीं पर लाया ||
चमचम चमके बदन आपका चाँद की तरह —-
सच कहता हूँ…………….

ये मैं ना समझ पाऊँ
हकीकत में आप क्या है !
ज़न्नत की हूर हैं या
फूलों की नर्म पंखुरियां हैं
आप मेरे सामने हैं पर लगते ख़्वाब की तरह —
सच कहता हूँ…………….

किस नाम से बुलाऊँ
ये सोच मैं रहा हूँ |
दिल में तो बहुत कुछ है
लब रोक ले रहा हूँ ||
आपके हर रंग-रूप लगे आफ़ताब की तरह —
सच कहता हूँ……………

हैं कितनी नज़ाकत शोखियाँ
आप कितनी खूबसूरत हैं |
दिल को अब मैं कैसे मनाऊँ
आप मेरी हर जरूरत हैं ||
पल-पल हैं आप दमकते सबाब की तरह —-
सच कहता हूँ…………..

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दिनेश एल०
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मैं (दिनेश एल० "जैहिंद") ग्राम- जैथर, डाक - मशरक, जिला- छपरा (बिहार) का निवासी हूँ... View full profile
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