विशारद मन प्रदूषण-जमघट हुए हैं

सुकवि भी अब समूहों में बँट गए हैं|
ज्ञान सूरज,जग धुआँ-सम भट हुए हैं |
कौन सोए राष्ट्र को नव जागरण दे ?
विशारद मन प्रदूषण-जमघट हुए हैं|

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक” कृतियों के पड़ेगा

Like Comment 0
Views 88

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share