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चूड़ियाँ

सरस्वती कुमारी

सरस्वती कुमारी

कविता

March 27, 2017

हर सुहागन का श्रृंगार है चूड़ियाँ
साजन का मनुहार है चूड़ियाँ।

इशारों में बात करती हैं चूड़ियाँ
हाल दिल का सुनाती हैं चूड़ियाँ।

रंग-बिरंगी सबके मन भाती ये चूड़ियाँ
जीवन को रंगीन कर जाती ये चूड़ियाँ।

ह्रदय की मधुर झंकार हैं चूड़ियाँ
प्रियतम की पुकार हैं चूड़ियाँ।

लाती खुशियों की बारात हैं चूड़ियाँ
कभी बन जाती काली रात हैं चूड़ियाँ।

Author
सरस्वती कुमारी
सरस्वती कुमारी (शिक्षिका )ईटानगर , पोस्ट -ईटानगर, जिला -पापुमपारे (अरूणाचल प्रदेश ),पिन -791111.
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