चूंकि डर के आगे जीत है ...

चूंकि डर के आगे जीत है ,
अब होंसला ही हमारा मीत है ।
डर कर जीना भी कोई जीना है ,
संघर्ष में छुपा जीवन संगीत है।
आन पड़ा ही है जब भारी संकट ,
तो यह तो विधि की पुरानी रीत है।
मगर उससे पार पाना,संभलना ,
मनुष्य जीवन की भी अपनी रीत है।
साहस और विवेक से काम लेना ,
हम भारत वासियों की धर्म /नीति है ।
अपने साथ अपनों का खयाल रखना ,
बस यही परिलक्षित ,अमिट प्रीति है ।
एकता में बल होता है यदि ये माना जाए ,
तो यही बल -प्रयोग ही युद्धनिती है ।
और इसी युद्धनीती से इस महामारी की हार ,
अब यही इसकी नियति है।
हारना नहीं हमें और न ही डरना है,
क्योंकि डर के आगे ही हमारी जीत है ।

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नाम -- सौ .ओनिका सेतिआ "अनु' आयु -- ४७ वर्ष , शिक्षा -- स्नातकोत्तर। विधा...
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