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** चुपचाप **

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

मुक्तक

March 15, 2017

जख़्म सहते रहे जो मुहब्बत में सब चुपचाप
देश के वास्ते मुहब्बत को मिटा देंगे चुपचाप
ग़म ना करना शहादत-ए-मुहब्बत का कभी
जो कुर्बान कर दूं ये देश के वास्ते चुपचाप ।।
?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
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