चुनाव-मई-2019

इवीएम में कैद है,भाग्य सभी का आज।
तिथि तेइस जानिए,किसके सिर पर ताज।।

धड़कन होंगी तेज़ यूँ,समय बढ़ेगा रोज।
मालिक करना पार रे,दूँगा सबको भोज।।

जनता देगी प्यार वो,होगा कल सुल्तान।
फिर बदले में देखिए,मिलता है क्या ध्यान।।

लड़े-भिड़े कुछ लोग जो,भूलें सब मतभेद।
राजनीति का दाँव था,जाए ना दिल छेद।।

पूछें सभी हैं आज तो,किसका है जी जोर।
मन ही मन कर फैंसले,अपना करते शोर।।

जीते कोई राज पर,दिल मत जाना हार।
राजयोग भी भाग्य है,करना मत तकरार।।

फूले-फूले साँस हैं,क्या होगा परिणाम।
कौन गिरेगा राह में,पहुंचे कौन मुक़ाम।।

सपने सजते राज के,राजा जैसे ख़्याल।
सबकी ऊँची चाह है,सब ही मालामाल।।

जनता-शोषण रोकना,देना अच्छा भाव।
अब भी जीतेगा यहाँ,जीत अगले चुनाव।।

प्रीतम सदैव झूठ की,चलती नहीं दुकान।
नींव रखी कमज़ोर तो,गिरता सदा मकान।।

राधेयश्याम बंगालिया “प्रीतम”
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