Mar 9, 2021 · दोहे
Reading time: 1 minute

चुनावी दोहे

चुनावी दोहे

परधानी के रंग में, डूबा है हर गांव।
वो भी अब कोयल बनें, करें जो कांव कांव।।01

कल तक जो पूछे नहीं, धरे आज हैं पांव।
छप्पर तोड़ गरीब का, दिलवाएंगे छांव।।02

कैसे हम ये मान लें, करें आज विश्वास।
सांप कोबरा है खड़ा,नही करेगा नाश।।03

नेता ऐसा चाहिए, रखे नही मन भेद।
सबकी जो बातें सुने,लाख रहे मत भेद।।04

चर्चा यही चुनाव की, और यही है बात।
मुर्गा या बकरी कटे, कटे कहीं इस रात।।05

हरिश्चंद्र सब आज हैं, यहाँ न कोई चोर।
खाल ओढ़कर शेर का, गीदड़ करते शोर।।06

बनना है परधान तो, सुनो”जटा” तुम आज।
छोड़ो बात गरीब की,करो बड़ों के काज।।07

भूतकाल को देखकर, दीजै अपना वोट।
जनता का सेवक बने, पहुंचाए न चोट।।08

आज अभी सब सोच लें, करना है मतदान।
दारू, पैसा त्याग कर,खुद ही बनें महान।।09

पांच साल के बाद ही, आता यह त्यौहार।
बिक न जाना वोटर तुम, लेकर एक हजार।।10

✍️जटाशंकर”जटा”

3 Likes · 5 Comments · 128 Views
Jatashankar Prajapati
Jatashankar Prajapati
52 Posts · 3.7k Views
Follow 14 Followers
ग्राम-सोन्दिया बुजुर्ग पोस्ट-किशुनदेवपुर जनपद-कुशीनगर उत्तर प्रदेश मो०नं० 9792466223 --शिक्षक ---पत्रकार ---कवि View full profile
You may also like: