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चाह कर भी भुला न पाये हम

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

July 5, 2016

चाह कर भी भुला न पाये हम
याद दिल में रहे बसाये हम

था न आसान अलविदा कहना
भीगी पलकों से मुस्कुराये हम

देख कर मोड़ मुँह लिया हमसे
आज इतने हुए पराये हम

ज़िन्दगी में ख़ुशी से रहने को
गम के भरते रहे किराये हम

पास अपने भी गम नहीं कम थे
और तेरा ख़रीद लाये हम

‘अर्चना’ दर्द कह नहीं सकते
प्यार के क्योंकि है सताये हम

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Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more

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