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चाहत

Rita Yadav

Rita Yadav

मुक्तक

June 28, 2017

चाहत न हो जब तक, यूं ही मुलाकात नहीं होती
धड़कता दिल न जब तक, दिल की बात नहीं होती
तलबगार न हो जब तक ,…..दो दिल इक दूजे का
उल्फत की यूं ही बेवजह ,…….शुरुआत नहीं होती

रीता यादव

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Author
Rita Yadav
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